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| Last Updated:14/11/2018

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पर्यावरण बचाने एक मंच पर आएंगे संगठन

 भुंतर —  जलवायु परिवर्तन जैसे संवेदनशील मसले पर राज्य और केंद्र सरकार का साथ देने के लिए देवभूमि हिमाचल की पर्यावरणीय एवं सामाजिक संस्थाएं एक मंच पर आने को तैयार हो गई हैं। प्रदेश की पर्यावरणीय संस्थाएं माउंटेन कलेक्टिव फोरम के माध्यम से केंद्र सरकार के आठ सूत्री राष्ट्रीय जलवायु मिशन में अपनी भूमिका निभाएंगे। इस मसले पर राज्य सरकार के साथ शिमला में मार्च माह के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक से पूर्व राज्य भर की संस्थाओं ने नए गठित फोरम की मजबूती के लिए अभियान तेज कर दिया है। शिमला में गत सप्ताह इस संदर्भ में हुई बैठक के बाद गुरुवार को कुल्लू व लाहुल-स्पीति जिला की संस्थाओं की एक कार्यशाला शमशी में आयोजित की गई, जिसमें उक्त फोरम को लेकर चर्चा की गई। फोरम के गठन में अहम भूमिका निभाने वाली सामाजिक संस्था कासा के कार्यक्रम अधिकारी अमित कुमार ने उक्त कार्यशाला के बाद बताया कि इस कार्यशाला में जिला की संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन मिशन के तहत कार्य करने की रणनीति तैयार की गई। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने जो जलवायु परिवर्तन के आठ मिशन तय किए हैं उनमें गैर सरकारी संगठनों की भूमिका को अहमियत दी गई है और संस्थाओं को इस मिशन के तहत कार्य करने के लिए फंड जारी करने की भी योजना है। संस्थाएं मार्च माह में राज्य सरकार के साथ अपने कलेक्टिव फोरम के माध्यम से बैठक में हिस्सा लेगी।  जानकारों के अनुसार नए जलवायु परिवर्तन मिशन में सरकार ने अपनी मुट्ठी ढीली करते हुए संस्थाओं को अधिक फंड जारी करने का फैसला लिया है। इस कार्यक्रम में शेर सिंह यांबा, प्रेम महंत, सीएल मालवा, विनित कुमार, बेली राम, आजे रोमावी, मोहन, माला पंवार, मीना भारद्वाज सहित अन्य ने विचार रखे।   जिन संस्थाओं ने फोरम का हिस्सा बनने की सहमति जताई है उनमें लायुल ट्राइबल वेलफेयर एसोसिएशन,नेचर एंड लाइफ सेवर, चेतना समिति कुल्लू, कासा, दार-उल-फजल, साथ, प्रतिभा कल्याण मंडल, अकादमी ऑफ मार्शल आर्ट समिति, शास्त्र, शिरा शामिल है, जबकि अन्य संस्थाओं ने भी जल्द इसमें जुड़ने की सहमति जताई है।