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| Last Updated:14/11/2018

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कुदरत में जान डालेगा क्लीन टेक्नोलॉजी फंड

शिमला  — 620 करोड़ के क्लीन टेक्नोलॉजी फंड पर आधारित बड़ी बैठक 11 मार्च को दिल्ली में होगी। इसमें विश्व बैंक के प्रमुख अधिकारियों के साथ केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और प्रदेश के मुख्य सचिव पी मित्रा तथा प्रधान सचिव तरुण श्रीधर भाग लेंगे। बैठक में विश्व बैंक जहां मंजूरी पत्र केंद्र सरकार को सौंपेगा, वहीं केंद्र इसकी स्वीकृति हिमाचल को देगा। इससे पहले 20 से 23 जनवरी तक विश्व बैंक की टीम ने 620 करोड़ के क्लीन टेक्नोलॉजी फंड पर आधारित अन्य औपचारिकताओं को प्रादेशिक दौरे के दौरान ही हरी झंडी दिखा दी थी। इसमें उन 12 बिंदुओं पर भी सहमति जता दी गई थी, जिसके तहत इस पूरे प्रोजेक्ट को अंजाम दिया जाना है। मुथु कुमार मनी के नेतृत्व में आई वाशिंगटन की टीम ने शिमला व सोलन जिलों का विस्तृत दौरा किया था। इस दल में मार्टिन भी शामिल थे, जो प्रोजेक्ट के विश्व बैंक की तरफ से कानूनी विशेषज्ञ हैं। 620 करोड़ का यह अनटाइड फंड है, यानी प्रदेश सरकार के लिए पर्यावरण संरक्षण व ग्रीन ग्रोथ के क्षेत्र में एक वित्तीय सहायता होगी, जिसे सरकार पर्यावरण के क्षेत्र में कहीं भी खर्च कर सकती है। विश्व बैंक की अन्य वित्तीय ग्रांटों से उल्ट यह पैसा राज्य सरकार को 10 फीसदी की दर से ही 40 वर्षों के दौरान वापस करना होगा। बता दें कि 15 नवंबर 2013 को विश्व बैंक के तहत गठित इस कोष में शामिल देशों अमरीका, जर्मनी, कनाडा, आस्ट्रेलिया और फ्रांस ने हिमाचल के प्रोजेक्ट को सराहा था, जिसकी आगामी औपचारिकताएं अब 11 मार्च को मुकम्मल होंगी।

Divya Himachal (05-03-2014)