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| Last Updated:04/12/2018

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हिमाचल में बड़े खनन को मंजूरी

बीबीएन — केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने खनन क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए 50 हेक्टेयर तक की माइनिंग लीज के लिए राज्य सरकार को ईआईए मंजूरी के लिए अधिकृत कर दिया है। अब तक राज्य सरकार पांच हेक्टेयर से कम क्षेत्र पर खनन के लिए ही ईआईए क्लीयरेंस दे सकती थी, जबकि इससे ज्यादा क्षेत्र पर माइनिंग के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) क्लीयरेंस केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा दी जाती थी। केंद्र से मंजूरी मिलना एक लंबी और जटिल प्रक्रिया थी। इसके चलते हिमाचल में ईआईए क्लीयरेंस के अभाव में कई खनन परियोजनाएं अधर में लटक गई थीं। मंत्रालय ने इसके अलावा जनसुनवाई के लिए नियमों का सरलीकरण किया है। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा 24 दिसंबर को जारी अधिसूचना में कम से कम 50 हेक्टेयर क्षेत्र में लघु खनिजों के खनन पट्टे देने के लिए राज्यों को अधिकृत कर दिया गया है, इसे बी 2 श्रेणी परियोजना के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें नदी में होने वाले खनन सहित अन्य खनन गतिविधियों का एक बड़ा हिस्सा शामिल किया गया है। इस अधिसूचना के बाद राज्य में चार सौ से ज्यादा खनन परियोजनाओं को फायदा मिलेगा। यहां उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने माइनिंग लीज के लिए ईआईए की शर्त अनिवार्य कर दी थी, हालांकि बाद में कें द्र ने राज्य सरकार को पांच हेक्टेयर तक की खनन परियोजनाओं को राज्य स्तर पर मंजूरी देने के लिए छूट दे दी थी। अधिसूचना में मंत्रालय ने मशीन से खनन पर मनाही की शर्त के साथ मैन्युअल रूप से खनन करने की बात कही है साथ ही राज्य सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि खनन में पर्यावरण मानदंडों का अनुपालन हो और इससे पर्यावरण क ो क्षति न हो। इसके अलावा माइनिंग लीज की अवधि पांच साल तय की गई है। गौर रहे कि खनन कार्य में लगे लोगों ने कई बार केंद्र व राज्य सरकार से ईआईए की शर्तों में छूट की गुहार लगाई थी। राज्य सरकार ने भी कें द्र के समक्ष यह मसला उठाया था। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने खनन परियोजनाओं को ईआईए क्लीयरेंस देने में हो रही देरी के मद्देनजर राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान, नागपुर के निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। इसी समिति का पर्यावरण मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करवाते हुए नए दिशा-निर्देश तैयार करने का काम सौंपा गया था।

Divya Himachal (28-12-2013)