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| Last Updated:14/11/2018

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26 जनवरी से प्लास्टिक पैकिंग पर प्रतिबंध

 हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बाजार में बिकने वाले पदार्थों की प्लास्टिक पैकिंग पर 26 जनवरी, 2014 से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश वीके शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा 26 जून, 2013 को जारी उस अधिसूचना पर अपनी मुहर लगा दी, जिसके तहत मार्केट में बिकने वाले जंक फूड की प्लास्टिक पैकिंग पर पहली जुलाई, 2013 से रोक लगाने की बात कही गई थी। राज्य सरकार ने उपरोक्त अधिसूचना के तहत 25 किस्म के जंक फूड को प्लास्टिक पैकिंग में रखने व बेचने पर रोक लगा दी थी, जिसे विभिन्न तरह के उत्पाद संगठनों द्वारा याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी। हालांकि न्यायालय ने राज्य सरकार की अधिसूचना के अमल पर अंतरिम रोक लगाई थी। कोर्ट ने फूड सेफ्टी एक्ट के प्रावधानों के दृष्टिगत राज्य सरकार की अधिसूचना को कानून संगत पाते हुए अधिसूचना को सही ठहराया। खंडपीठ ने जरूरी पदार्थों को छोड़कर अन्य पदार्थों की पैकिंग पर 26 जनवरी से रोक लगा दी है। तेल, सब्जी उत्पाद व मीट उत्पाद की प्लास्टिक पैकिंग पर यह प्रतिबंध 31 मार्च, 2014 से लागू होगा। न्यायालय ने प्रदेश के जिला दंडाधिकारी व पुलिस अधीक्षकों को हाई कोर्ट के आदेशों की अक्षरश पालना के लिए निजी तौर पर उत्तरदायी ठहराया है। कोर्ट ने तेल की पैकिंग टीन के कंटेनर्ज में करने की हिदायत दी है। कोेर्ट ने आदेश दिए कि अगर राज्य सारकार द्वारा फूड सेफ्टी एक्ट के प्रावधानों के तहत फूड सेफ्टी कमिश्नर नियुक्त नहीं किया है तो उसे चार सप्ताह के भीतर नियुक्त किया जाए। राज्य सरकार को यह आदेश दिए हैं कि वह सुनिश्चित करे कि प्लास्टिक पैकिंग वाले पदार्थ प्रदेश के भीतर न आएं। कोर्ट ने 12 सप्ताह के भीतर हिमाचल प्रदेश नॉन-बायोडिग्रेडेबल गारबेज (कंट्रोल) एक्ट के प्रावधानों के तहत नियम बनाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि नए नॉन असेंशियल फूड आइटम को बनाने, ट्रांसपोर्ट करने, बेचने, पैकिंग करने, वितरण करने के लिए हाई पावर कमेटी का गठन करें, जिसमें प्रधान सचिव के निचले ओहदे के सदस्य न हों। नगर निगम व नगर परिषद के नियमों में आवश्यक बदलाव करें, जिसके लिए 12 सप्ताह का समय दिया गया है। यह बदलाव कोर्ट द्वारा पारित निर्देशों के अनुरूप होगा। नगर प्राधिकरण अपने क्षेत्र में यह देखने के आदेश दिए हैं कि उनके क्षेत्र में प्लास्टिक पैकिंग में जंक फूड का भंडारण न हो। इसके अलावा नगर प्राधिकरणों को प्लास्टिक वेस्ट को ठिकाने लगाने के लिए वेस्ट ऑडिट करवाने के आदेश दिए हैं। यह ऑडिट प्रत्येक साल के आरंभ में किए जाने के आदेश दिए गए हैं। ज्ञात रहे दूध व पानी की पैकिंग फूड सेफ्टी एक्ट के तहत किए जाने के प्रदेश उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किए हैं।

Divya Himachal (27-12-2013)